RAS A2ZPremium Study Material
भारत का भूगोल | RAS Pre+Mains 2026
Syllabus: 09 January 2026
📚 CHAPTER 1 | अध्याय 1

🌦️ जलवायु

Indian Climate | Monsoon | Koppen Classification | El Nino | La Nina | Jet Streams
✍️ 10 × 50word Answers 📝 5× 150-word Answers ⚡ Latest ENSO Data 2024-25 🧠 Memory Tricks
1
PART 1 — परिचय एवं सिलेबस मैपिंग
Topic Introduction | RAS Syllabus Mapping | PYQ Trend | Expected Weightage
🎯 विषय परिचय
🌡️ मौसम vs जलवायु
मौसम (Weather): किसी स्थान की वायुमंडलीय अवस्था की अल्पकालिक दशा। जल्दी बदलता है — एक दिन/सप्ताह में।

जलवायु (Climate): किसी स्थान की दीर्घकालिक (30+ वर्ष) मौसमी दशाओं का औसत।

जलवायु में बदलाव = 30 वर्ष या अधिक में
🌏 भारत की जलवायु
• भारत = उष्णकटिबंधीय मानसूनी जलवायु
मानसून शब्द = अरबी "मौसिम" से → पवनों की दिशा का मौसम के अनुसार उलट जाना
• अरब सागर + बंगाल की खाड़ी से हवाओं की दिशा ऋतुवत् परिवर्तन
भारत = मानसूनी जलवायु वाला देश
2
PART 2 — PREMIUM NOTES
Complete Conceptual Notes | Diagrams | Tables |
🌐 भारतीय जलवायु को प्रभावित करने वाले कारक
🔑 LANDFORMS — Memory Trick
L — Latitude (अक्षांश)
A — Altitude (ऊंचाई)
N — Nearness From Sea (समुद्र से निकटता)
D — Direction of Wind (पवन की दिशा)
F — Forest (वन)
O — Ocean Currents (समुद्री जलधाराएं)
R — Rainfall (वर्षा)
M — Mountain (पहाड़/पर्वत)
S — Soil (मिट्टी)
कारकप्रभावउदाहरण
अक्षांश (Latitude)कर्क रेखा भारत के मध्य से → उत्तर उपोष्ण, दक्षिण उष्ण | तापमान उच्चराजस्थान में उच्च तापमान
समुद्र से दूरीतीन ओर समुद्र → तटीय क्षेत्र समुद्री जलवायु | उत्तर-पश्चिम = महाद्वीपीयमुंबई vs दिल्ली
उत्तरी पर्वतीय श्रेणियाँमानसून रोकती हैं, शीत लहर रोकती हैं, वर्षा का कारणहिमालय की भूमिका
भू-आकृतिअरावली पश्चिमी भाग वर्षा से वंचित रखती है | पश्चिमी घाट वर्षाराजस्थान शुष्क, केरल आर्द्र
मानसूनी हवाएंआर्द्रता, दिशा, गति से वर्षा निर्धारणSW Monsoon June-Sept
ऊर्ध्व वायु संचरणजेट स्ट्रीम — मानसून नियंत्रणपश्चिमी जेट शीत ऋतु
उष्ण कटिबंधीय चक्रवातबंगाल की खाड़ी + अरब सागर में उत्पन्नतमिलनाडु, आंध्र में वर्षा
⚠️ परीक्षा ट्रैप: अरावली पर्वत पश्चिम से पूर्व दिशा में है — इसलिए यह अरब सागर की मानसूनी शाखा को नहीं रोकती, जिससे राजस्थान में कम वर्षा होती है। पश्चिमी घाट उत्तर-दक्षिण दिशा में है — इसलिए मानसून को रोकती है।
🌍 कोपेन का जलवायु वर्गीकरण
प्रस्तुति वर्ष
1918
3 जलवायु क्षेत्र
संशोधन
1931 व 1936
विस्तृत वर्गीकरण
Variables
3
तापमान, वर्षा, वनस्पति
📊 Sub-type संकेत (छोटे अक्षर)
f = पर्याप्त वर्षण | m = शुष्क मानसून होते हुए भी वर्षा वन | w = शुष्क शीत ऋतु | h = शुष्क और गर्म | c = चार महीनों से कम में औसत तापमान 10°C से अधिक | g = गंगा का मैदान | S = अर्ध-मरुस्थल | W = मरुस्थल
#जलवायु प्रकारसंकेतक्षेत्रविशेषता
1लघु शुष्क ऋतु सहित मानसूनीAmwगोवा के दक्षिण + पश्चिमी तट, मालाबार व कोंकण तट, अंडमान-निकोबार250-300 cm वर्षा | गर्मी में 1 शुष्क माह
2उष्ण कटिबंधीय सवानाAwकर्क रेखा के दक्षिण का अधिकांश प्रायद्वीपीय पठार75 cm वर्षा | शीत काल शुष्क
3शुष्क ग्रीष्म + आर्द्र शीत मानसूनीAsतटीय तमिलनाडु + आंध्र के कुछ भाग75-100 cm | Retreating Monsoon से वर्षा
4अर्द्ध-शुष्क स्टेपीBShwमध्यवर्ती राजस्थान, पश्चिमी पंजाब, हरियाणा, गुजरात सीमावर्ती, पश्चिमी घाट वृष्टि-छाया30-60 cm | Steppe वनस्पति
5उष्ण मरुस्थलीयBWhwराजस्थान का सबसे पश्चिमी भाग, उत्तरी गुजरात, हरियाणा का दक्षिणी भाग30 cm से कम | रेगिस्तानी वनस्पति
6शुष्क शीत ऋतु की मानसूनीCwgगंगा का मैदान, पूर्वी राजस्थान, उत्तरी मध्य प्रदेश, उत्तर-पूर्वी भारत अधिकतरगर्मी 40°C तक | शीत 27°C | ग्रीष्म में वर्षा
7लघु ग्रीष्मकाल + शीत आर्द्रDfcअरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, असम हिमालयी भागशीत काल ठंडा | आर्द्र अधिकांश वर्ष
8टुंड्रा तुल्यETउत्तराखंड, लद्दाख, J&K, हिमाचल — 3,000-5,000mवर्ष भर 10°C से कम | हिमपात
9ध्रुवीय तुल्यEहिमालय — 5,000m से अधिक ऊंचाईवर्ष भर 0°C से कम
🗺️ भारत — कोपेन के अनुसार जलवायु वर्गीकरण
भारत — कोपेन का जलवायु वर्गीकरण E ध्रुवीय ET टुंड्रा BShw स्टेपी BWhw मरुस्थल Cwg शुष्क-शीत Cwg Dfc Aw सवाना Amw As Amw 🗝️ Legend (संकेत) Amw - लघु शुष्क मानसूनी Aw - उष्ण कटि. सवाना As - शुष्क ग्रीष्म मानसूनी BShw - अर्ध-शुष्क स्टेपी BWhw - उष्ण मरुस्थल Cwg - शुष्क शीत मानसूनी Dfc - लघु ग्रीष्म + शीत आर्द्र ET - टुंड्रा तुल्य E - ध्रुवीय तुल्य * यह मानचित्र वैचारिक (Conceptual) है। वास्तविक सीमाएं भिन्न हो सकती हैं। Cwg-Aw की मध्य रेखा लगभग कर्क रेखा के समान है। RAS A2Z | Indian Geography | RAS 2026
🔴 Koppen से परीक्षा में पूछे गए तथ्य: (1) कोपेन ने 1918 में जलवायु वर्गीकरण प्रस्तुत किया (2) Cwg और Aw का विभाजन लगभग कर्क रेखा के समान है — यह Dr. काजी अहमद, Dr. स्टाम्प, नारमण्ड द्वारा बताया गया (3) राजस्थान में BWhw और BShw दोनों पाए जाते हैं (4) तमिलनाडु में As जलवायु — Retreating Monsoon से वर्षा
🌧️ मानसून — उत्पत्ति के सिद्धांत
🎯 4 प्रमुख सिद्धांत — याद करें
1. तापीय सिद्धांत (Thermal Theory) — प्राचीन | ताप प्रवणता
2. विषुवतीय पछुआ पवन सिद्धांत — फ्लोन द्वारा प्रतिपादन
3. जेट स्ट्रीम सिद्धांत (YES) — येस (YES) द्वारा
4. अलनीनो सिद्धांत — ENSO
🌡️ 1. मानसून का तापीय सिद्धांत
• ग्रीष्म ऋतु में सूर्य किरणें उत्तरी गोलार्द्ध पर लम्बवत् पड़ती हैं
• भारतीय उपमहाद्वीप पर वृहत निम्न दाब का निर्माण
• इससे उत्तर-पूर्वी व्यापारिक पवनें अनुपस्थित हो जाती हैं (5°S से 30°N)
• तापीय विषुवत रेखा उत्तर की ओर खिसकती है
उत्तर-पूर्वी व्यापारिक पवनें विषुवत रेखा को पार कर उत्तरी गोलार्द्ध में आ जाती हैं
फेरेल के नियमानुसार — दाहिनी ओर (Right Hand Side) मुड़ जाती हैं
• भारतीय उपमहाद्वीप पर दक्षिण-पश्चिम मानसून का रूप लेती हैं
🌊 2. विषुवतीय पछुआ पवन सिद्धांत
फ्लोन नामक वैज्ञानिक ने इस संकल्पना का प्रतिपादन किया
• मानसूनी हवाओं की उत्पत्ति वायुदाब की पेटियों के खिसकाव के कारण
अंत: उष्णकटिबंधीय अभिसरण क्षेत्र (ITCZ) — एक निम्न दाब पेटी
• ITCZ एक doldrums क्षेत्र है जो विषुवत रेखा के ऊपर स्थित है
Swinging ITCZ — उत्तर-पूर्व एवं दक्षिण-पूर्व व्यापारिक पवनें मिलती हैं
• ग्रीष्म काल में ITCZ उत्तर की ओर खिसककर विषुवतीय पछुआ पवनें दक्षिण-पश्चिम मानसून को जन्म देती हैं
💨 3. जेट स्ट्रीम सिद्धांत (YES Theory)
येस (YES) द्वारा प्रतिपादन
• जेट स्ट्रीम = ऊपरी वायुमंडल (9-18 किमी.) में अति तीव्रगामी वायु प्रवाह
• औसत गति: 340 किमी/घंटा (अधिकतम 9000 किमी/घंटा तक)
दक्षिण-पश्चिम मानसून का संबंध उष्ण पूर्वी जेट स्ट्रीम से
उत्तर-पूर्वी मानसून (शीतकाल) का संबंध उपोष्ण पश्चिमी जेट से
🔵 शीत ऋतु — पश्चिमी जेट स्ट्रीम:
• 20°-35°N के बीच (दोनों अर्धगोलों) में चलती है
• तिब्बत के पठार इसे दो भागों में बाँटता है
• एक शाखा तिब्बत के उत्तर में, दूसरी हिमालय के दक्षिण में
• दक्षिणी शाखा का दाब स्तर फरवरी में 25°N पर ~200-300 मिलीबार
इसी जेट से पश्चिमी विक्षोभ आते हैं
🔴 ग्रीष्म ऋतु — पूर्वी जेट स्ट्रीम:
• गर्मी में पश्चिमी जेट भारत पर नहीं बहती
• तिब्बत पठार का तापन → उत्तर की ओर खिसकाव
उष्ण पूर्वी जेट स्ट्रीम की उत्पत्ति — भारत + अफ्रीका के ऊपर
• 15°N तक सीमित | गति 90 किमी/घंटा
दक्षिण-पश्चिम मानसून इसी से निर्धारित
💨 जेट स्ट्रीम के 4 प्रकार
#जेट स्ट्रीमस्थितिविशेषता
1ध्रुवीय वाताग्र जेट स्ट्रीम40°-60° अक्षांशध्रुवीय ठंडी + उष्ण कटिबंधीय गर्म हवाओं के संमिलन से | ताप प्रवणता से | पश्चिम से पूर्व | अनियमित
2उपोष्ण कटिबंधीय पछुआ जेट स्ट्रीम30°-35° अक्षांश के ऊपरउपोष्ण उच्च दाब पेटी के उत्तर | ऊपरी क्षोभमंडल में | पश्चिम से पूर्व | नियमित
3उष्ण कटिबंधीय पूर्वी जेट स्ट्रीमग्रीष्मकाल | भारत+अफ्रीकातिब्बत के पठार के ऊष्मन से उत्पन्न | भारतीय मानसून का मुख्य कारण | 15°N तक
4ध्रुवीय राशि जेट स्ट्रीमसमताप मंडलसागर जल से 30 किमी. ऊंचाई पर | Steep Thermal Gradient | शीत काल में तीव्र | ग्रीष्म में धीमा
🌧️ दक्षिण-पश्चिम मानसून (SW Monsoon)
भारत में मानसून जून से सितंबर तक रहता है। उत्तर-पश्चिम भारत और पाकिस्तान में निम्न वायुदाब का क्षेत्र बनता है। ITCZ उत्तर की ओर खिसककर शिवालिक पर्वत के पार चला जाता है। इससे लम्बाकार निम्न दाब की मेखला (मानसून गर्त — Trough) बनती है।
25 मई — अंडमान-निकोबार
1 जून — केरल
5 जून — चेन्नई
10-15 जून — कोलकाता-मुंबई
15 जून — पटना-नागपुर
15 जून+ — दिल्ली-जयपुर-लखनऊ
🗺️ दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगमन की सामान्य तिथियाँ
भारत — SW Monsoon आगमन तिथियाँ 25 मई अंडमान 1 जून केरल 10 जून मुंबई 5 जून चेन्नई 10 जून कोलकाता 15 जून+ दिल्ली 25 जून जयपुर 15 जून नागपुर अरब सागर शाखा → बंगाल खाड़ी शाखा ↗ RAS A2Z | Indian Geography | RAS 2026
🌊 अरब सागर की मानसूनी पवनें — 3 शाखाएं
शाखामार्गवर्षा
प्रथम शाखापश्चिमी घाट से टकराती → 900-1200m तक चढ़ती250-400 cm (पवनाभिमुखी ढाल) | वृष्टि-छाया क्षेत्र = नाममात्र
द्वितीय शाखामुंबई के उत्तर → नर्मदा + तापी घाटियों से मध्य भारतछोटानागपुर पठार में 15 cm | गंगा मैदान में प्रवेश → Bay of Bengal शाखा से मिलती है
तृतीय शाखासौराष्ट्र प्रायद्वीप + कच्छ → अरावली के साथ पश्चिमी राजस्थानबहुत कम वर्षा | मुख्य वर्षा Rajasthan नहीं करती
🌊 बंगाल की खाड़ी मानसूनी पवनें
म्यांमार के तट एवं दक्षिण-पूर्वी बांग्लादेश से टकराती है
अराकान पहाड़ियाँ इस शाखा के एक बड़े हिस्से को भारतीय उपमहाद्वीप की ओर विक्षेपित करती हैं
एक शाखा — गंगा के मैदान के साथ पश्चिम की ओर → पंजाब मैदान तक
दूसरी शाखा — ब्रह्मपुत्र घाटी में → उत्तर-पूर्व में भारी वर्षा
• उप-शाखा → मेघालय में मासिनराम — विश्व की सर्वाधिक वर्षा
• तमिलनाडु तट शुष्क क्यों? — (1) Bay of Bengal branch के समानांतर (2) वृष्टि-छाया क्षेत्र में
↩️ मानसून का निवर्तन (Retreating Monsoon)
चरणसमयक्षेत्र
प्रारंभसितंबर का प्रारंभउत्तर-पश्चिम भारत
मध्यमध्य अक्टूबरदक्षिणी भारत में निवर्तन
पूर्णदिसंबर मध्यसम्पूर्ण भारत
⚠️ अक्टूबर ऊष्मा (October Heat):
• मानसून निवर्तन के समय उच्च तापमान एवं आर्द्रता
क्वार की ऊमस या कार्तिक मास की ऊमस भी कहते हैं
• संस्थागत ऊष्मा (Latent Heat) = विकिरण के रूप में Release होती है
• तमिलनाडु को उत्तर-पूर्व मानसून (Retreating) से वर्षा — October-November
• तमिलनाडु को कुल वार्षिक वर्षा का 50-60% Retreating Monsoon से
💥 मानसून विच्छेद (Monsoon Break)
• दक्षिण-पश्चिम मानसून में 1-2 सप्ताह तक वर्षा न हो → मानसून विच्छेद
• मानसून गर्त का उत्तर या दक्षिण की ओर खिसकना इसका कारण
जब गर्त मैदान के ऊपर → वर्षा अच्छी | जब हिमालय के समीप → विच्छेद

क्षेत्रवार कारण:
1. उत्तर मैदान → उष्ण कटिबंधीय चक्रवातों की कमी
2. पश्चिमी तट → आर्द्र पवनें तट के समानांतर
3. राजस्थान में विच्छेद → वायुमंडल के निम्न स्तरों पर तापमान व्युत्क्रम (Temperature Inversion)
🌀 पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance)
भूमध्य सागर में यूरोप की ठंडी वायुराशि + सहारा मरुस्थल की गर्म वायु के अभिसरण से समशीतोष्ण चक्रवात
• यह भूमध्य सागर, अन्ध महासागर, कैस्पियन सागर से नमी प्राप्त करता है
उपोष्ण कटिबंधीय जेट पवनें इस चक्रवात को भारत की ओर प्रेरित करती हैं
अफगानिस्तान, पाकिस्तान, उत्तर भारत, नेपाल में शीत ऋतु में वर्षा
• भारत में 15 जनवरी से 15 अप्रैल के मध्य प्रभावी
राजस्थान में = मावट (Mawat) — रबी की फसल के लिए अत्यंत आवश्यक
🌊 एल-निनो / ला-निना / ENSO — Latest 2024-25 Data
परीक्षा अलर्ट: El Nino/La Nina से हर RAS Paper में 2-3 MCQ। 2024-25 में Super El Nino → भारत में कम वर्षा का प्रभाव। Barnwal + Latest data दोनों पढ़ें।
🔴 अल-निनो (El Niño) — "ईसा का शिशु"
आवर्तन काल
3-8 वर्ष
उत्पत्ति
पेरू तट
दिसंबर 25 के आसपास
प्रभाव
भारत में कम वर्षा

प्रक्रिया:
• पश्चिमी प्रशांत महासागर में सामान्यतः उच्च दाब और निम्न दाब का सामान्य पैटर्न बदल जाता है
हम्बोल्ट/पेरू की जलधारा (ठंडी) — सामान्यतः पेरू तट पर प्रवाहित होती है
• El Nino में यह ठंडी जलधारा कमज़ोर पड़ जाती है और गर्म जल पश्चिम से आ जाता है
• Upwelling (ऊपर उठना) बंद हो जाता है → मछलियाँ कम → पेरू की अर्थव्यवस्था प्रभावित
दक्षिण विषुवतीय गर्म जलधारा पूर्व से पश्चिम की बजाय पश्चिम से पूर्व प्रवाहित होती है
• इससे मध्य प्रशांत महासागर में निम्न दाब — हिंद महासागर पूर्वी भाग में उच्च दाब
भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून का मार्ग बाधित → कम वर्षा → सूखा
🔵 ला-निना (La Niña) — अल-निनो का विपरीत
प्रकार
Counter Current
प्रतिसागरीय धारा
प्रभाव
भारत में अधिक वर्षा
आविर्भाव
El Nino समाप्त होने पर

प्रक्रिया:
• La Nina एक अति ठंडी धारा जो ध्रुवीय दिशा से विषुवत रेखा की ओर पेरू तट पर उत्पन्न होती है
प्रशांत महासागर में Upwelling और भी तीव्र हो जाती है
भारत में सामान्य से अधिक वर्षा होती है — La Nina = अच्छा मानसून
⚡ ENSO के परिणाम:
1. भूमध्यरेखीय वायुमंडलीय परिसंचरण में विकृति
2. समुद्री जल वाष्पन में अनियमितता
3. प्लवक की मात्रा में कमी → मछलियाँ कम → पेरू की अर्थव्यवस्था
📊 नवीनतम ENSO डेटा 2024-25 (Latest Data)
वर्षENSO स्थितिभारतीय मानसूनप्रभाव
2023El Nino (Strong)कम वर्षा (89% of LPA)कई राज्यों में सूखा
2024El Nino → Neutral transition (June 2024)सामान्य (106% of LPA)Good Monsoon recovery
2024-25 (शीत)La Nina conditions (mild)अनुकूल संकेत2025 Monsoon अच्छा expected
2025La Nina (weak-moderate)Normal to Above Normalअच्छी खरीफ संभावना

IMD (India Meteorological Department) Latest:
• Long Period Average (LPA) = 87 सेमी (1971-2020 period)
• 2024 मानसून = 106% of LPA — अत्यंत अच्छा
Super El Nino (2023) के बाद भारत में रिकवरी
• IMD की ENSO-based मानसून prediction अब standard
🗺️ El Nino vs La Nina — Pacific Ocean Mechanism
सामान्य स्थिति (Normal) Pacific Ocean गर्म जल W. Pacific Low Pressure ठंडा जल E. Pacific High Pressure व्यापारिक पवनें → भारत अच्छी वर्षा ✓ पेरू ठंडी धारा ✓ El Niño स्थिति Pacific Ocean सामान्य जल W. Pacific High Pressure ↑ गर्म जल !!! E. Pacific Low Pressure ↓ ← उलटी पवनें! भारत कम वर्षा ✗ सूखा पेरू गर्म धारा ✗ बाढ़ ⚠️ 1982, 1997, 2015 = Super El Nino 2023 = Moderate-Strong El Nino — भारत में 89% LPA RAS A2Z | Indian Geography | RAS 2026
🔥 Super El Nino (2015 & 2023) — Special Note:
• 1982-83, 1997-98, 2015-16, 2023 में Super/Strong El Nino आया
• 2015-16 = 2nd strongest ever → भारत में बड़ा सूखा
• 2023 = Strong El Nino → 1998 के बाद से सबसे गर्म वर्ष globally
दक्षिणी दोलन (Southern Oscillation) = El Nino + वायुदाब पैटर्न = ENSO
ENSO = El Nino Southern Oscillation
☀️ भारत की ऋतुएं (Seasons)
भारतीय परंपरागत 6 ऋतुएं:
वसंत (चैत्र-वैशाख) | ग्रीष्म (ज्येष्ठ-आषाढ़) | वर्षा (श्रावण-भाद्र) | शरद (आश्विन-कार्तिक) | हेमंत (मार्गशीर्ष-पौष) | शिशिर (माघ-फाल्गुन)
मौसम-वैज्ञानिक 4 ऋतुएं:
1. शीत ऋतु: 15 दिसंबर - 15 मार्च
2. ग्रीष्म ऋतु: 16 मार्च - 15 जून
3. मानसून आगमन: 16 जून - 15 सितंबर
4. मानसून वापसी/शरद: 16 सितंबर - 14 दिसंबर
ऋतुमाहतापमानपवनविशेषताएं
शीत ऋतुदिस-मार्चउत्तर भारत: औसत 21°C | पंजाब-राजस्थान: हिमांक से नीचेउत्तर-पश्चिम → दक्षिण-पूर्व | महाद्वीपीय शुष्कपश्चिमी विक्षोभ, मावट, कड़ाके की ठंड
ग्रीष्म ऋतुमार्च-जूनदक्कन: 38°C (मार्च) | NW: 48°C | राजस्थान: 50°C+NW से SW | लू (Hot wave)लू, आंधी, आम्रवर्षा, काल वैशाखी
वर्षा ऋतुजून-सितंबरModerate | Humidदक्षिण-पश्चिमSW Monsoon, 75% annual rainfall
शरद ऋतुअक्टूबर-नवंबरTransitional | October Heatउत्तर-पूर्व | NE Monsoonअक्टूबर ऊष्मा, TN में वर्षा, चक्रवात
⛈️ ग्रीष्म ऋतु की प्रसिद्ध स्थानीय तूफान
तूफानक्षेत्रविशेषता
आम्र वर्षा (Mango Shower)कर्नाटक, केरलPre-monsoon shower | आम की फसल अच्छी
फूलों वाली बौछारकेरल + निकटवर्ती कहवा क्षेत्रकहवा के फूल खिलते हैं
काल वैशाखी (Nor'westers)असम + पश्चिम बंगालवैशाख में शाम को विनाशकारी | चाय, पटसन, चावल के लिए लाभदायक
लू (Loo)पंजाब से बिहारशुष्क, गर्म, पीड़ादायक | Delhi-Patna के बीच तीव्र
धूल भरी आंधीपंजाब, हरियाणा, पूर्वी राजस्थान, UPमई में शाम के समय | अस्थायी राहत
🗺️ वर्षा का वितरण (Rainfall Distribution)
औसत वार्षिक वर्षा
125 सेमी
सर्वाधिक वर्षा
मासिनराम
11,873 mm | मेघालय
न्यूनतम वर्षा
जैसलमेर
~9 सेमी
LPA (1971-2020)
87 सेमी
June-September
क्षेत्रवर्षाराज्य/क्षेत्र
अधिक वर्षा (200+ सेमी)पश्चिमी घाट, NE भारत, उप-हिमालयी क्षेत्रMeghalaya, Kerala, Sikkim, WB (hills), Andaman
मध्यम वर्षा (100-200 सेमी)उत्तर भारत मैदान, गुजरात, पूर्वी राजस्थानUP, Bihar, WB (plains), Goa, Maharashtra (coast)
न्यून वर्षा (50-100 सेमी)उत्तर-पश्चिम भारत, दक्कन पठारPunjab, Delhi, Haryana, कर्नाटक (leeward)
अपर्याप्त वर्षा (<50 सेमी)पश्चिमी राजस्थान, लद्दाख, कच्छजैसलमेर, बाड़मेर, Leh, Rann of Kutch
🗺️ भारत — औसत वार्षिक वर्षा वितरण
भारत — औसत वार्षिक वर्षा (Average Annual Rainfall) दिल्ली जयपुर मुंबई कोलकाता चेन्नई मासिनराम जैसलमेर Legend (सेमी) 400+ सेमी 200-400 सेमी 100-200 सेमी 50-100 सेमी 25-50 सेमी <25 सेमी शुष्क/लद्दाख ⚠️ Note: Conceptual Map वास्तविक boundaries complex हैं RAS A2Z | Indian Geography | RAS 2026
💡 वर्षा वितरण — Key Facts:
• वर्षा पूर्व से पश्चिम की ओर घटती है: Kolkata 119 cm → Patna 105 cm → Allahabad 76 cm → Delhi 56 cm
पश्चिमी घाट पवनाभिमुखी ढाल = 250-400 cm | वृष्टि-छाया = नाममात्र
NE India = सर्वाधिक वर्षा क्षेत्र | W. Rajasthan = न्यूनतम
• तमिलनाडु = मुख्य वर्षा Retreating Monsoon (Oct-Nov) से
3
PART 3 — 75 PRACTICE MCQs (RAS Pre Level)
Option click = instant answer | Score calculate करें
Instructions: Option पर click करें → सही/गलत तुरंत दिखेगा | Score button = overall result
4
PART 4 — MAINS 70-WORD ANSWERS (5 अंक)
Short answer | Structured format | Keywords highlighted
5
PART 5 — MAINS 160-WORD ANSWERS (10 अंक)
Long answer | Intro+Body+Conclusion | Latest Data | Maps
8
PART 8 — FINAL REVISION SHEET
Top 50 Facts | Last Day Revision

🔥 एक पृष्ठ रिवीजन — Top 50 Facts

1. मानसून = अरबी 'मौसिम'
2. कोपेन वर्गीकरण = 1918 (3 Variables: तापमान, वर्षा, वनस्पति)
3. BWhw = W. Rajasthan <30cm
4. BShw = मध्य Rajasthan 30-60cm
5. Cwg = Ganga plains + E. Rajasthan
6. Amw = W. Coast 250-300cm
7. As = Tamil Nadu (NE Monsoon)
8. Cwg-Aw boundary ≈ Tropic of Cancer
9. LANDFORMS = L-A-N-D-F-O-R-M-S
10. SW Monsoon → 25 May: Andaman → 1 June: Kerala
11. Delhi में Monsoon ≈ 25-29 June
12. LPA (1971-2020) = 87cm (Jun-Sep)
13. मासिनराम = 11,873mm (World Max)
14. जैसलमेर = ~9cm (India Min)
15. E→W: Kolkata 119→Patna 105→Allahabad 76→Delhi 56cm
16. El Nino = Peru coast, 3-8 वर्ष, 'ईसा का शिशु'
17. El Nino → India कम वर्षा | La Nina → अधिक
18. 2023 El Nino → 89% LPA
19. 2024 La Nina → 106% LPA
20. ENSO = El Nino + Southern Oscillation
21. Jet Stream = 9-18km, 340km/hr avg
22. SW Monsoon = Tropical Easterly Jet
23. NE Monsoon = Subtropical Westerly Jet
24. Jet stream Theory = YES द्वारा
25. ITCZ = Inter-Tropical Convergence Zone
26. फ्लोन = विषुवतीय पछुआ पवन सिद्धांत
27. W. Disturbance = भूमध्य सागर, 15 Jan-15 Apr
28. मावट = Rajasthan में W. Disturbance वर्षा
29. मानसून विच्छेद = 1-2 सप्ताह वर्षा न होना
30. अक्टूबर ऊष्मा = क्वार की ऊमस
31. Retreating Monsoon starts = September
32. TN को 50-60% वर्षा = NE Monsoon से
33. आम्र वर्षा = Karnataka + Kerala
34. काल वैशाखी = Assam + W. Bengal
35. लू = Punjab to Bihar, पीड़ादायक, गर्म शुष्क
36. SW Monsoon = 75% annual rainfall
37. W. Ghats windward = 250-400cm
38. Arakan Hills → BoB branch को deflect
39. Monsoon Trough = NW India → Bihar Low Pressure belt
40. Foehn effect → Leeward side hot + dry
41. शीत ऋतु = 15 Dec - 15 Mar
42. ग्रीष्म ऋतु = 16 Mar - 15 Jun
43. Rajasthan max temp = 50°C+ (Churu)
44. Humboldt/Peru current = ठंडी
45. Super El Nino = 1982, 1997, 2015, 2023
46. Dfc = Arunachal Pradesh
47. ET = 3000-5000m | E = 5000m+
48. Upwelling = गहराई से ठंडा जल ऊपर
49. Monsoon = 6% world land, 65% India population
50. Walker Circulation = Southern Oscillation